नयी दिल्ली , अक्टूबर 07 -- भारत और अफ्रीकी देश घाना ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग को मजबूत किया करने का पांच वर्ष का करार किया है।

कृषि मंत्रालय की बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और घाना में अकरा स्थित क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएसआईआर-सीआरआई) की ओर से यहां इस करार पर हस्ताक्षर किये गये। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अबलाक्वा उपस्थित थे।

यह समझौता ज्ञापन संयुक्त कृषि अनुसंधान, वैज्ञानिक एवं तकनीकी आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग और व्यावसायीकरण के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक खाका प्रस्तुत करता है। इसके तहत किये जाने वाले विशिष्ट अनुसंधान एवं व्यावसायीकरण कार्यक्रमों के लिए घाना की कंपनी अरीमा फार्म्स लि को सीएसआईआर-सीआरआई के वाणिज्यिक साझेदार के रूप में मान्यता दी गई है।

समझौते के पहले चरण में फल सब्जी विशेष रूप से टमाटर के अनुसंधान और विकास में सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस सहयोग के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद घाना में कसावा, रतालू और अन्य कंद फसलों पर अनुसंधान में भी सहयोग करेगी। दाेनों पक्ष कटाई के बाद उपजों के प्रबंधन के क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे। इसके तहत कोल्ड स्टोरेज, रेफ्रिजरेटेड परिवहन, छंटाई, ग्रेडिंग और प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों में तकनीकी सहायता तथा क्षमता निर्माण किया जाएगा।

समझौता ज्ञापन के तहत वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों, जर्मप्लाज्म एवं प्रजनन सामग्री, वैज्ञानिक सूचनाओं, कार्यप्रणालियों तथा तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान किया जाएगा।इसके अलावा, दोनों देशों के संबंधित अनुसंधान संस्थानों और केंद्रों के बीच संस्थागत संपर्क विकसित करने का भी प्रावधान है, जिससे निरंतर वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा मिल सके।

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