जयपुर , मार्च 25 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि प्रदेश का विश्वस्तरीय स्वास्थ्य ढांचा आज सरकार की अदूरदर्शिता और राजनीति का शिकार हो रहा है।

श्री गहलोत ने बुधवार को अपनी सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजारशास्त्र' के तीसरे अध्याय में जयपुर स्थित सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय (महिला अस्पताल) के निर्माणाधीन आईपीडी टावर की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। श्री गहलोत ने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार का विजन राजस्थान को स्वास्थ्य सेवाओं में मॉडल स्टेट बनाना था। इसी क्रम में फरवरी 2023 में 117 करोड़ रुपये की लागत से इस भव्य आईपीडी टावर का कार्य शुरू किया गया था। इस प्रोजेक्ट में महिलाओं के लिए 500 नए बेड और 50 बेड का आधुनिक आईसीयू। छह अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर। आईवीएफ सेंटर और रेजिडेंट डॉक्टर्स के लिए 100 कमरों का पीजी हॉस्टल प्रस्तावित था।

श्री गहलोत ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को अगस्त 2025 तक पूरा होकर जनता को समर्पित हो जाना था। उन्होंने सवाल किया कि जब बजट आवंटित था और काम प्रगति पर था, तो वर्तमान सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में क्यों डाल दिया। इस देरी के कारण आज भी महिला अस्पताल में बेड की कमी और भारी भीड़ के कारण प्रदेश की माताओं-बहनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने सवाल करते हुए कहा, "क्या भाजपा सरकार के लिए महिला स्वास्थ्य कोई प्राथमिकता नहीं है। सिर्फ इसलिए कि यह प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार ने शुरू किया था, क्या प्रदेश की महिलाओं को आधुनिक सुविधाओं से वंचित रखना न्यायसंगत है। इस देरी से होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।"उन्होंने सरकार से मांग की कि राजनीतिक द्वेष को त्याग कर जनहित के इस प्रोजेक्ट को अविलंब पूरा किया जाए ताकि जयपुर और आसपास के जिलों से आने वाली महिलाओं को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

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