चेन्नई , अप्रैल 2 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एमके स्टालिन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के प्रस्तावित विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक (एफसीआरए) 2026 की कड़ी निंदा करते हुए इसे अन्यायपूर्ण और मनमाना करार दिया है। उन्होंने इसे ईसाई गैर सरकार संगठन (एनजीओ), चर्चों और अन्य अल्पसंख्यक संस्थानों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विदेशी फंडिंग को रोकना है। उन्होंने इस विधेयक को पूरी तरह वापस लेने की मांग की है।
श्री स्टालिन ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने की कोशिश के बाद भाजपा सरकार अब अन्य अल्पसंख्यक संस्थानों की विदेशी फंडिंग रोकने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि हालांकि विपक्षी दलों के विरोध और केरल, जहां ईसाई की बड़ी आबादी हैं, में विधानसभा चुनावों के कारण सरकार फिलहाल पीछे हट गयी है लेकिन संसद के विशेष सत्र के माध्यम से इस एफसीआरए विधेयक पारित करने की एक स्पष्ट योजना है।
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