चंडीगढ़ , अक्टूबर 29 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने गुरुवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में तीन प्रतिशत वृद्धि के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर राज्य के कर्मचारियों को भी केंद्र के समान 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार कर्मचारियों को उनके हक से वंचित कर रही है।
श्री ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में महंगाई भत्ते की दर अभी 60 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंची है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का निर्देश दिया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, 27 अक्टूबर को उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया और उसे अदालत में माफी भी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है, लेकिन वह अभी तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी है और उसमें खामियां बताई गई हैं।
श्री ढिल्लों ने दावा किया कि करीब आठ लाख राज्य कर्मचारी अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ता भी दिलाया जाएगा।
जालंधर के खेल उद्योग को पुनर्जीवित करने का दावा करते हुए श्री ढिल्लों ने कहा कि केंद्र की खेल सामग्री विनिर्माण योजनासे पंजाब के उद्योगों को लाभ मिल सकता है और जालंधर के खेल सामग्री उद्योग को फिर से गति मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि देश के खेल सामग्री उत्पादन में जालंधर की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है, जबकि राज्य सरकार की कथित अनदेखी के कारण इस उद्योग की 40 प्रतिशत इकाइयां बंद हो चुकी हैं। उनके अनुसार, केंद्र की योजना से उद्योग को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
श्री ढिल्लों ने कहा कि कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना से पंजाब के निर्यातकों को फायदा होगा। लुधियाना में बनने वाले होजरी उत्पादों और साइकिलों के साथ जालंधर की खेल सामग्री को देश में निर्मित कंटेनरों के जरिए कम लागत पर निर्यात किया जा सकेगा, जिससे परिवहन खर्च घटाने और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की 13 हजार से अधिक पंचायतों को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि सरपंचों और पंचों को प्रशिक्षण देने तथा अधिक अधिकार प्रदान करने से गांवों में विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को गति मिलेगी।
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