नयी दिल्ली , जुलाई 27 -- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में विद्यार्थियों एवं अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'जवाबी कार्रवाई' न करने के अपने आश्वासन को तोड़ती है तो यह लाखों युवा भारतीयों के साथ विश्वासघात होगा।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने एक बयान में कहा कि सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन भारत सरकार के इस आश्वासन के बाद वापस लिया है कि किसी भी भाजपा या राजग शासित प्रदेश में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। असम, पश्चिम बंगाल एवं बिहार से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने, गिरफ्तार करने और उनको निशाना बनाने की खबरें गंभीर चिंता का विषय है।
बयान में कहा गया, "हम हर प्रदर्शनकारी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारी टीम इन सभी राज्यों में वकीलों के साथ काम कर रही है ताकि हिरासत में लिये गये लोगों की रिहाई सुनिश्चित की जा सके और हर मुमकिन कानूनी सहायता दी जा सके। यह हम पहले दिन से कर रहे हैं।"उन्होंने कहा, "हम भारत सरकार से, विशेषकर जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह से अनुरोध करते हैं कि वह सरकार द्वारा दिये गये आश्वासन का सम्मान करें और हिरासत में लिये गये सभी लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह भी निर्देश दें कि देश में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गयी प्राथमिकियों को भी वापस लिया जाना चाहिए।"उन्होंने भारत सरकार को याद दिलाया कि इस संबंध में उन्हें लिखित गारंटी मंगलवार (28 जुलाई) तक उपलब्ध करवाने का वादा पूरा किया जाए। पार्टी ने अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन सरकार पर भरोसे के आधार पर ही खत्म किया था कि वह अपने वादे पर खरी उतरेगी। उस वादे को तोड़कर न सिर्फ सरकार सीजेपी से विश्वासघात करेगी, बल्कि उन लाखों युवाओं के भरोसे को भी तोड़ेगी जिन्होंने प्रदर्शन के बजाय बातचीत का रास्ता चुना।
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