श्रीनगर , सितंबर 15 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सात दिन का विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर उनकी सरकार पर गंभीर न होने के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में इससे भी छोटे सत्र आहूत किये जाते हैं।
श्री अब्दुल्ला ने यहां एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में 21 सितंबर से सात दिन का विधानसभा सत्र बुलाने के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि 'गंभीर न होना' किसे कहा जाये। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में एक या दो दिन के विधानसभा सत्र बुलाये जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "गंभीर न होना तब कहा जाता अगर हम भाजपा के दिखाये रास्ते पर चलते, जहां उनके राज्यों में एक या दो दिन के सत्र बुलाये जाते हैं।"श्री अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार के सदस्य सुबह से शाम तक विधानसभा में मौजूद रहते हैं और विधायी कामकाज के प्रति उनकी गंभीरता इससे स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा, "हम सुबह विधानसभा में बैठते हैं और शाम को निकलते हैं। शायद ही कोई दिन ऐसा होता है जब हम विधानसभा में मौजूद न हों। भाजपा हम पर गंभीर न होने का आरोप लगा सकती है, लेकिन वह खुद यह आरोप लगाने की स्थिति में नहीं है।"भाजपा नेताओं के लगातार बयानों पर उन्होंने कहा कि वह हर बयान का जवाब नहीं देंगे। उन्होंने कहा, "वे हर दिन बयान देते हैं। आप मुझसे हर बयान का जवाब देने की उम्मीद न करें। मैं उनके किसी एक बयान पर महीने में एक बार प्रतिक्रिया दूंगा, हर दिन नहीं।"विधानसभा सत्र के दौरान नियमितीकरण की लंबे समय से मांग कर रहे दैनिक वेतनभोगियों के प्रस्तावित प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम वही करेंगे जो मैंने बजट सत्र में कहा था। हम उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने सत्र के दौरान यह (प्रदर्शन) करने का फैसला किया है, उन्हें करने दीजिए।"कुछ विधायकों के 'पाला बदलने' की अटकलों को खारिज करते हुए श्री अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, "मैं बिल्कुल चिंतित नहीं हूं... मुझे अपने लोगों पर पूरा भरोसा है। मुझे पता है कि यह कौन कर रहा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की अटकलों के पीछे "कुछ लोग" हैं, जिन्हें गुपकर रोड स्थित एजेंसियों के कार्यालयों से "लिफाफे" मिल रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि सरकार बनने के तुरंत बाद इनमें से कुछ लोग उनसे मिले थे और अपने लिए प्रशासन में जगह मांग रहे थे। उन्होंने उनकी पहचान बताने से इनकार करते हुए कहा कि वह उनकी गरिमा की रक्षा के लिए ऐसा नहीं करेंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित