भिंड , मार्च 23 -- अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे मध्यप्रदेश के भिंड जिले के लहार से भारतीय जनता पार्टी विधायक अम्बरीष शर्मा (गुड्डू) ने लगभग आठ घंटे के धरने के बाद अपनी एक मांग पूरी होने पर कल देर रात धरना समाप्त कर दिया।
श्री शर्मा ने कल पूर्व नेता प्रतिपक्ष और लहार से कांग्रेस प्रत्याशी रहे डॉ. गोविंद सिंह पर दलितों का रास्ता रोकने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोला था। इस प्रदर्शन का बड़ा असर भी दिखा। लहार बिजली कंपनी की डीई लक्ष्मी सोनवानी को पद से हटाकर उनका तबादला ग्वालियर कर दिया गया है।
विधायक श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि डॉ. गोविंद सिंह ने अनुसूचित जाति के मोहल्ले के आम रास्ते पर कब्जा करके अपना मकान बना लिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार 20 महीनों से इंसाफ मांग रहा है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। विधायक ने राहुल गांधी को भी घेरा और कहा कि एक तरफ वे दलितों के घर खाना खाते हैं और दूसरी तरफ उनकी पार्टी के बड़े नेता गरीबों का रास्ता रोककर बैठे हैं।
इसी बीच डॉ. गोविंद सिंह ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जानबूझकर गलत नाप-तोल कराई है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर शासन यह साबित कर दे कि जमीन सरकारी है और कब्जा है तो वे बिना किसी नोटिस या बुलडोजर के 24 घंटे के अंदर खुद अतिक्रमण हटा लेंगे।
धरने के दौरान विधायक ने बिजली विभाग की डीई लक्ष्मी सोनवानी पर अवैध वसूली और मनमर्जी से बिल बढ़ाने के गंभीर आरोप लगाए। इसके अलावा क्षेत्र में रेत की आसमान छूती कीमतों (10-12 हजार प्रति ट्रॉली) को लेकर भी जनता का गुस्सा फूटा।
इसी बीच लहार के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विजय यादव ने बताया कि विधायक द्वारा धरना संबंधी उनको कोई जानकारी नहीं हैं। देर शाम डीई के ट्रांसफर और अन्य आश्वासनों के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया।
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