सहारनपुर , सितंबर 26 -- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा और रालोद के बीच गठबंधन की संभावित सीटों को लेकर सहारनपुर मंडल में भाजपा के उन नेताओं के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है, जिन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था और हार गए थे। इनमें थानाभवन से सुरेश राणा, शामली से तेजेंद्र सिंह मीरवाल, पुरकाजी से प्रमोद ऊंटवाल, बुढ़ाना से उमेश मलिक, खतौली से विक्रम सैनी और मीरापुर से प्रशांत गुर्जर के नाम शामिल हैं।

सहारनपुर मंडल में विधानसभा की 16 सीटें हैं। 2022 के चुनाव में इस मंडल में भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन ने सात सीटें जीती थीं, जबकि सपा गठबंधन को नौ सीटें मिली थीं।

2027 के चुनाव में गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे का असर इन भाजपा नेताओं की राजनीतिक संभावनाओं पर पड़ सकता है। पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा को हाल ही में भाजपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजपूत समाज के प्रमुख नेताओं में गिने जाने वाले श्री राणा के लिए आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्रतिनिधित्व देने के लिए उनके नाम पर विचार करता है या नहीं। इसी क्रम में लोकसभा चुनाव हार चुके मुजफ्फरनगर के पूर्व केंद्रीय मंत्री और जाट नेता संजीव बालियान का नाम भी चर्चा में है।

आगामी विधानसभा चुनाव में रालोद को मंडल की उसके प्रतिनिधित्व वाली सीटों पर दावा रहने की संभावना है। सहारनपुर की रामपुर मनिहारान (आरक्षित) सीट पर भी रालोद की नजर है। तीन सितंबर को रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पार्टी सांसद चंदन चौहान के संयोजन में यहां कार्यक्रम किया था।

सहारनपुर जिले में भाजपा पिछले विधानसभा चुनाव में हारी बेहट और सहारनपुर सीटों पर भी उम्मीदवार बदलने पर विचार कर सकती है। सहारनपुर विधानसभा सीट पर 2022 में सपा के आशु मलिक ने भाजपा के जगपाल सिंह को हराया था। सहारनपुर देहात सीट पर भाजपा टिकट के लिए बसपा के पूर्व विधायक जगपाल सिंह, रविंद्र मोल्लू और हाल ही में बसपा से भाजपा में आए अजब सिंह की दावेदारी बताई जा रही है।

बेहट सीट को लेकर भी भाजपा में नए चेहरे पर विचार की चर्चा है। गंगोह के भाजपा विधायक कीरत सिंह को बदले जाने की अटकलों के बीच पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी और राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी के नाम चर्चा में हैं। हालांकि डॉ. धर्म सिंह सैनी अपनी पारंपरिक नकुड़ सीट से भी दावेदारी कर रहे हैं।

सहारनपुर नगर सीट पर भाजपा विधायक राजीव गुम्बर के सामने भी टिकट को लेकर संभावित दावेदारों की चर्चा है। हालांकि पार्टी में उनकी स्थिति मजबूत मानी जाती है और हाल में सहारनपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की थी। इस सीट पर पूर्व मंत्री संजय गर्ग और पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा के नाम भी चर्चा में हैं। 2022 में राजीव गुम्बर ने सपा के संजय गर्ग को 7,434 मतों से हराया था।

देवबंद में भाजपा विधायक बृजेश सिंह और नकुड़ में विधायक मुकेश चौधरी को लेकर भी पार्टी के भीतर टिकट पर मंथन की चर्चा है। 2022 में दोनों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। वर्तमान विधानसभा रिकॉर्ड में देवबंद से बृजेश और नकुड़ से मुकेश चौधरी भाजपा के विधायक हैं।

देवबंद सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से भी दावेदारी की चर्चा है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी के लिए देवबंद निवासी आदित्य राघव दास अग्रवाल को संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि गठबंधन में सीटों का अंतिम बंटवारा और उम्मीदवारों के नाम अभी तय नहीं हुए हैं।

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