समस्तीपुर , नवंबर 2 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक एवं बिहार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा है कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद का चुनाव जीतने के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।
श्री मेहता ने इसे संविधान की दसवीं अनुसूची के दल-बदल विरोधी प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
राजद नेता ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 31 अक्टूबर को सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित बंशीधर ब्रजवासी ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इस संबंध में तस्वीरें भी सार्वजनिक की गई हैं। उन्होंने इस घटनाक्रम को असंवैधानिक बताते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।
विधायक ने आरोप लगाया कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करना भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि निर्दलीय निर्वाचित कोई सदस्य सदन में अपनी सदस्यता बरकरार रखते हुए किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो सकता। ऐसा करने पर उसकी सदस्यता अयोग्यता के दायरे में आ सकती है।
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