अगरतला , सितंबर 16 -- त्रिपुरा के कई हिस्सों में मंडल स्तर पर मतभेदों की आ रही सूचनाओं के बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय ने दोहराया कि पार्टी अपनी स्थापित व्यवस्था के माध्यम से ऐसे मुद्दों का समाधान करती है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों बर्दाश्त नहीं की जायेंगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
श्री देबरॉय ने बताया कि पार्टी अपने तीन वर्ष के संगठनात्मक चक्र के हिस्से के रूप में नियमित रूप से अपनी संगठनात्मक समितियों का पुनर्गठन करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नयी गठित समिति से बाहर होने का मतलब भाजपा से निकाला जाना नहीं है, बल्कि यह नये लोगों को अवसर प्रदान करना है, जिससे संगठन का विस्तार होता है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि संगठनात्मक समितियों में बदलाव के बाद भी पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न जिम्मेदारियों में संगठन के साथ अपना जुड़ाव जारी रख सकते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि मंडल समितियों का गठन केंद्रीय नेतृत्व सहित पार्टी नेतृत्व की देखरेख में भाजपा की संगठनात्मक प्रक्रियाओं का पालन करता है।
राज्य के कई हिस्सों में मंडल स्तर के नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जारी मतभेदों का जवाब देते हुए श्री देबरॉय ने आश्वासन दिया कि वास्तविक संगठनात्मक मुद्दों की जांच की जायेगी और उपयुक्त पार्टी मंच के माध्यम से उनका समाधान किया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने अनुशासन पर पार्टी के अडिग रुख को दोहराते हुए कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं की जायेंगी।
श्री देबरॉय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में त्रिपुरा में एक महीने के कार्यक्रम की घोषणा की। इस दौरान भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, जिसमें श्री मोदी के राजनीतिक जीवन और उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान आये महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में बताया जायेगा।
महीने भर चलने वाले इस समारोह में चित्रकला प्रतियोगिताएं, नमो सेवा कार्यक्रम, आंगनवाड़ी केंद्रों पर गतिविधियां, विभिन्न सेवा-उन्मुख पहलें और 'सेवा मशाल' मार्च शामिल होंगे। इन सभी का उद्देश्य जनभागीदारी को मजबूत करना और समाज सेवा तथा भाजपा नीत सरकार की पहलों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
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