(विद्या शंकर राय से)लखनऊ , अक्टूबर 28 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं, जिसके तहत इसी सप्ताह 30- 31 तारीख को लखनऊ में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की एक विशेष बैठक प्रस्तावित है, जिसमें पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी शामिल होगा।
पार्टी सूत्रों ने यहां बताया कि चुनावी रणनीति की समीक्षा को लेकर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। कार्यसमिति की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, श्री शाह, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष पंकज चौधरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन की स्थिति और प्रदेश में पार्टी की राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी इसमें भाग लेंगे। सूत्रों ने कहा कि प्रदेश में अगले वर्ष के शुरू में होने वाले राज्य विधान सभा चुनाव से पहले इस दौरे में श्री शाह पार्टी पदाधिकारियों के साथ अलग बाचतीत कर संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। इस दौरान प्रदेश और जिला स्तर पर संगठन की सक्रियता, चुनावी जिम्मेदारियों के निर्धारण और आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
बैठक में मौजूदा विधायकों के कामकाज और उनके रिपोर्ट कार्ड पर चर्चा होने की संभावना भी जताई जा रही है। पार्टी के सामने आगामी चुनाव से पहले संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय मजबूत करने की चुनौती है। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की सक्रियता, स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ाव और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के निर्वहन जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
प्रदेश में चुनावी तैयारियों के बीच भाजपा के सामने कार्यकर्ताओं की नाराजगी और सामाजिक समीकरणों को साधने की चुनौती भी है। पार्टी के विभिन्न स्तरों पर हुई बैठकों में विधायकों के कामकाज को लेकर असंतोष की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। कार्यकर्ताओं के एक वर्ग का आरोप है कि संगठन में पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं की अपेक्षा नए लोगों तथा दूसरे दलों से आए नेताओं को अधिक महत्व दिया गया है।
इसके अलावा यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के 'समता संवर्द्धन विनियम, 2026' , आरक्षण और युवा वर्ग में कथित असंतोष जैसे मुद्दों को लेकर भी पार्टी चौकस है। इन मुद्दों पर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रिया और स्थानीय परिस्थितियां आगामी चुनाव की रणनीति तय करने में भूमिका निभा सकती हैं।
गौरतलब है कि भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की पिछली बैठक 14 जुलाई 2024 को लखनऊ में आयोजित हुई थी। इसमें तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों तथा संगठन की तैयारियों पर चर्चा की थी।
इसी बीच, भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय संगठन में उत्तर प्रदेश के कई नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। देवरिया के निखिल मणि तिवारी और अयोध्या के हर्षवर्धन सिंह को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। निखिल मणि तिवारी इससे पहले युवा मोर्चा के अवध क्षेत्र के अध्यक्ष थे, जबकि हर्षवर्धन सिंह प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
मेरठ के विनीत वत्स त्यागी को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वह इससे पहले युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी थे। इसके अलावा मऊ के शक्ति सिंह, प्रयागराज के शैलेंद्र मौर्य और नोएडा के सतेंद्र अवाना को राष्ट्रीय कार्यसमिति में जगह मिली है।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि इन नियुक्तियों से युवा मोर्चा के राष्ट्रीय संगठन में उत्तर प्रदेश के नेताओं की भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक और युवा मोर्चा में हुए संगठनात्मक बदलावों को एक साथ देखें तो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन को सक्रिय करने, नई जिम्मेदारियां तय करने और चुनावी तैयारियों को गति देने में जुटी है।
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