वाराणसी , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा के प्रथम काशी आगमन पर सोमवार को रोहनिया स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में उनका ढोल-नगाड़ों और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया।
क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचने पर श्रीमती कुशवाहा ने एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद आयोजित महिला मोर्चा की क्षेत्रीय कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठन विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने प्रत्येक बूथ तक महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, भागीदारी और नेतृत्व को सबसे अधिक अवसर भाजपा ने दिए हैं।
श्रीमती कुशवाहा ने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसकी महिला कार्यकर्ता हैं। उन्होंने प्रत्येक बूथ पर 11 सदस्यीय महिला समिति गठित करने का आह्वान करते हुए कहा कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन तैयार होने से महिलाएं मंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर नेतृत्व की जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभा सकेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों तथा सरकार की उपलब्धियों और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी घर-घर पहुंचाने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को भाजपा से जोड़ने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और वह पिछले 32 वर्षों से भाजपा संगठन में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उनके अनुसार भाजपा में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व की परंपरा अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में अधिक मजबूत है।
श्रीमती कुशवाहा ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल कागजों पर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) की बात करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अपेक्षित कार्य नहीं किए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के पास जमीनी स्तर पर महिला कार्यकर्ताओं का मजबूत आधार नहीं है और वे परिवारवाद की राजनीति तक सीमित हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने की पक्षधर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर महिला आरक्षण को लंबे समय तक टालने का प्रयास किया, जबकि भाजपा ने इसे आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
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