नयी दिल्ली , अक्टूबर 13 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर कांग्रेस सांसद अंगोम्चा बिमोल अकोइजम की कथित यौन उत्पीड़न के मामले में लोकसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की।

श्री अकोइजम को हाल में ही में यौन उत्पीड़न मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से बर्खास्त कर दिया गया था। भाजपा महिला मोर्चा की प्रमुख रूपकुमारी चौधरी ने कहा, " हमने राष्ट्रपति मुर्मु से जेएनयू में यौन उत्पीड़न पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।"भाजपा नेता के अनुसार, राष्ट्रपति ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह इस मामले की जांच कराएंगी और अपने स्तर पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।

सुश्री चौधरी ने कहा, "मणिपुर से कांग्रेस सांसद प्रोफेसर बिमोल अकोइजम ने कथित तौर पर विश्वविद्यालय में 11 युवतियों से दुर्व्यवहार किया था। महिलाओं ने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की जांच के लिए एक आंतरिक समिति का गठित की गयी। समिति ने उन्हें दोषी पाया, और उन्हें विश्वविद्यालय से बर्खास्त कर दिया गया। महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़े होने का दावा करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा है।"उन्होंने कहा कि आज, वे युवतियां डरी हुई हैं और आशंकित हैं, क्योंकि श्री अकोइजम लोकसभा सांसद और प्रभावशाली कांग्रेस नेता हैं और उन्हें पार्टी का पूरा समर्थन है। शिकायतकर्ता डरी हुई हैं, इसलिए राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है, उन्हें संसद से हटाया जाना, उन युवतियों को पूरी सुरक्षा प्रदान देने की तरह है जिन्होंने आगे आने और शिकायत दर्ज कराने में बहुत साहस दिखाया है।

भाजपा की राज्य सभा सांसद गीता शाक्य ने इस मामले में कांग्रेज पर तंज किया। सुश्री शाक्य ने कहा, "एक तरफ, वे कहते हैं कि वे लड़कियों के साथ खड़े हैं, लेकिन दूसरी तरफ, चाहे वह प्रियंका गांधी वाड्रा हों, सोनिया गांधी हों, या राहुल गांधी हों, कोई यह नहीं देख रहा है कि इन लड़कियों को कैसे प्रताड़ित किया गया। राहुल गांधी को उस सांसद का इस्तीफा मांगना चाहिए और उसे बर्खास्त करना चाहिए।"मणिपुर के सांसद इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं, लेकिन विश्वविद्यालय के अनुसार, 11 महिला छात्रों की दी गयी शिकायतों के बाद मामले की जांच आंतरिक शिकायत समिति ने की और समिति ने उन्हें यौन दुराचार का दोषी पाया। इसके बाद उनको बर्खास्त करने की कार्रवाई की गयी। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने इस बर्खास्तगी की आलोचना करते हुए इस फैसले को 'जल्दबाजी में लिया गया' बताया है।

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