नयी दिल्ली , जून 16 -- 'बारह साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के' महाभियान के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महरौली जिला इकाई की ओर से यहां कन्वेंशन एवं प्रदर्शनी केंद्र यशोभूमि का भ्रमण कार्यक्रम आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के तहत दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को लेकर यशोभूमि पहुंचे और उन्हें बताया कि मोदी सरकार के शासनकाल में किस तरह से राष्ट्रीय राजधानी सहित देश की तस्वीर बदली है। इस मौके पर भाजपा के महरौली जिला अध्यक्ष रविन्द्र सोलंकी, पालम विधानसभा से विधायक कुलदीप सोलंकी, महरौली विधानसभा से विधायक गजेन्द्र यादव, निगम पार्षदगण, भाजपा पदाधिकारी के साथ आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक तथा गैर-सरकारी संगठनों से जुड़े सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस मौके पर श्री बिधूड़ी और श्री सोलंकी ने यहां वृक्षारोपण किया और लोगों से पौधे लगाने की गुजारिश की। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गाँव भरथल स्थित दादा मोटा मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
श्री बिधूड़ी ने कहा कि श्री मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दक्षिण दिल्ली लोकसभा क्षेत्र को विकास की अनेक सौगातें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि यशोभूमि के साथ-साथ बदरपुर में विकसित किया जा रहा एशिया का सबसे बड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क तथा द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के विकास को नयी दिशा प्रदान करेंगे।
उन्होंने दक्षिण दिल्ली को यातायात जाम की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि जल्द ही महरौली-गुरुग्राम मार्ग और महरौली-बदरपुर मार्ग को शीघ्र ही सिग्नल मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा दक्षिण दिल्ली के समग्र विकास के लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
वहीं, श्री सोलंकी ने उपस्थित जनसमूह को यशोभूमि की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि 225 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह विश्वस्तरीय परिसर लगभग 25,700 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक कन्वेंशन, बैठक और प्रदर्शनी केंद्र है। उन्होंने कहा कि यशोभूमि में एक भव्य मुख्य सभागार तथा 15 अत्याधुनिक कन्वेंशन हॉल हैं, जिनमें एक साथ 11,000 से अधिक प्रतिनिधियों के बैठने की क्षमता है।
उन्होंने बताया कि बताया कि यशोभूमि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां वर्षा जल संचयन, 100 प्रतिशत अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण तथा सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति जैसी आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।
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