मुंबई , अक्टूबर 11 -- महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने विपक्षी दलों पर विरोध-प्रदर्शनों का राजनीतिकरण करने और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को निशाना बनाने के लिए जनहित के मुद्दों काइस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
श्री बन ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुणे में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के विरोध-प्रदर्शन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन का इस्तेमाल छात्रों की मांगों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय श्री रोहित पवार की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।
उन्होंने लोकतंत्र, पुलिस की कार्रवाई और विरोध करने के अधिकार पर अपनी टिप्पणियों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को विरोध-प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन विरोध-प्रदर्शन कानून के दायरे में और सार्वजनिक व्यवस्था का ध्यान रखते हुए किए जाने चाहिए।
श्री बन ने दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए बिना अनुमति के किए गए प्रदर्शनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल इस तरह से नहीं किया जाना चाहिए जिससे नागरिकों को असुविधा हो या धार्मिक भावनाएं आहत हों। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और विपक्ष की आलोचना पार्टी के नेतृत्व को कमजोर नहीं करेगी।
श्री बन ने आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों में भाजपा की संभावनाओं पर भरोसा जताया और विपक्षी नेताओं को राजनीतिक बयानबाजी की बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की चुनौती दी।
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