रांची , जुलाई 27 -- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश के उपाध्य्क्ष सह मीडिया चैयरमेन सतीश पॉल मुंजनी ने भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के बयान को तथ्यों से परे, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिचायक बताया है।
श्री मंजिनी ने कहा कि जिस भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में देश ने व्यापम, पेपर लीक, बैंक घोटाले, चुनावी बॉन्ड और सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग जैसे गंभीर मामलों को देखा, वही भाजपा आज नैतिकता का पाठ पढ़ाने का असफल प्रयास कर रही है।
श्री मुंजनी कहा कि भाजपा नेता बार-बार लगभग Rs.10,000 करोड़ के ट्रेजरी घोटाले का हवाला देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। वास्तविकता यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने के बजाय स्वयं मामले का संज्ञान लिया, जांच के आदेश दिए, एसआईटी गठित की, सीआईडी जांच कराई तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी/पीएजी) से विशेष ऑडिट कराने की अनुशंसा की। यदि सरकार किसी को बचाना चाहती तो न जांच होती, न विशेष ऑडिट की पहल की जाती।
उन्होंने कहा कि भाजपा चारा घोटाले का उदाहरण दे रही है, जबकि देश जानता है कि चारा घोटाले की जड़ें अविभाजित बिहार के उस प्रशासनिक ढांचे में थीं, जिसके संरक्षण में वर्षों तक वित्तीय अनियमितताएं चलती रहीं। न्यायालयों ने जिस मामले में दोष तय किया, उसमें कानून ने अपना काम किया। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि वर्तमान ट्रेजरी मामले में भी जो भी दोषी होगा, चाहे वह अधिकारी हो या कोई अन्य, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक फैसला सुनाना भाजपा की पुरानी आदत है।
श्री मुंजनी ने कहा कि भाजपा यह भी स्पष्ट करे कि पिछले वर्षों में देशभर में सामने आए हजारों करोड़ रुपये के बैंक घोटालों, आर्थिक अपराधों और सार्वजनिक धन की लूट के मामलों में कितने बड़े लोगों को जवाबदेह ठहराया गया। झारखंड में पारदर्शिता से चल रही जांच पर सवाल उठाने वाली भाजपा पहले अपने दामन पर लगे दागों का जवाब दे।
उन्होंने कहा कि प्रतुल शाहदेव द्वारा वित्त नियमावली और कोषागार संहिता का हवाला देकर जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। किसी भी अधिकारी की जिम्मेदारी और दोष का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया, साक्ष्यों और जांच के आधार पर होता है, न कि भाजपा के प्रेस बयान से। यदि किसी जांच में किसी स्तर पर कमी है तो उसके लिए विधिक प्रक्रिया उपलब्ध है, लेकिन मीडिया के माध्यम से जांच को प्रभावित करने की कोशिश लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है।
उन्होंने ने कहा कि भाजपा को झारखंड की जनता अच्छी तरह पहचान चुकी है। जब राज्य में निवेश आ रहा है, युवाओं को रोजगार मिल रहा है, आधारभूत संरचना मजबूत हो रही है और जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं, तब भाजपा मुद्दाविहीन होकर झूठे आरोपों की राजनीति कर रही है।
उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी और झारखंड सरकार भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी। लेकिन भाजपा की तरह झूठ, आधे-अधूरे तथ्यों और राजनीतिक प्रोपेगेंडा के आधार पर जनता को भ्रमित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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