रांची , मई 10 -- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने भाजपा प्रवक्ता ने झारखंड की विधि व्यवस्था पर दिए गए बयान को राजनीतिक प्रोपेगेंडा, भ्रामक प्रचार और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास बताया है।

श्री मुंजनी ने कहा कि भाजपा नेताओं को झारखंड पर उंगली उठाने से पहले अपने शासित राज्यों की कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए, क्योंकि कई भाजपा शासित राज्यों में अपराध की स्थिति अधिक चिंताजनक रही है।

श्री मुंजनी ने कहा कि भाजपा झारखंड को बदनाम करने के लिए चुनिंदा आंकड़ों का सहारा ले रही है, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध, दलित उत्पीड़न, सांप्रदायिक हिंसा, हत्या, बलात्कार और संगठित अपराध के मामले लगातार राष्ट्रीय चिंता का विषय बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, असम और मणिपुर जैसे राज्यों में कानून व्यवस्था को लेकर समय-समय पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग झारखंड की तुलना उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से कर रहे हैं, लेकिन क्या भाजपा यह बताएगी कि जनसंख्या और संसाधनों के अनुपात में हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद महिला सुरक्षा, संगठित अपराध और अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार सवाल क्यों उठते रहे हैं? क्या भाजपा मणिपुर में महीनों तक चली हिंसा, हरियाणा में सांप्रदायिक तनाव और मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामलों पर भी उतनी ही मुखर रही है?श्री मुंजनी ने कहा कि गठबंधन सरकार अपराध नियंत्रण, पुलिस आधुनिकीकरण और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

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