जोधपुर, जून 15 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर हमला करते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर प्रतिबंध लगाने की बातें करने वाले अपनी ही पार्टी की मानसिकता उजागर कर रहे हैं।

श्री शेखावत सोमवार को यहां सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता में श्री गहलोत पर हमला बोलते हुए कहा कि आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस और राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने वाली पार्टी आज लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रही है। भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की बात अब सिर्फ सपना बनकर रह गयी है, क्योंकि यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान वही लोग दे रहे हैं, जो राजनीति में अप्रासंगिक होते जा रहे हैं।

उन्होंने प्रदेश में पेयजल संकट के लिए भी श्री गहलोत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जल समस्या की दुर्दशा के सबसे बड़े जिम्मेदार श्री गहलोत हैं। वह वर्षों से अपनी सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगाते रहे, लेकिन आज तक एक भी ठोस प्रमाण नहीं दे सके।

श्री शेखावत ने कहा कि श्री गहलोत के तत्कालीन ओएसडी लोकेश शर्मा ने आरोप लगाया था कि सरकार गिराने का षड्यंत्र श्री गहलोत ने ही रचा था। उन्होंने कहा कि अपने विधायकों के फोन रिकॉर्ड कराने वाले श्री गहलोत दूसरों पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

उन्होंने कहा कि पहले सरकारी योजनाएं चुनिंदा वर्गों और वोटबैंक की राजनीति के आधार पर संचालित होती थीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव सभी तक पहुंचा। इसी सुशासन और पारदर्शिता का परिणाम है कि देश की जनता ने लगातार 2019 और 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को जनादेश दिया। श्री शेखावत ने कहा कि जल शक्ति मंत्री रहते उन्होंने राजस्थान के लिए 27 हजार करोड़ रुपये की जल परियोजनाएं स्वीकृत करवाई थीं, जिनमें जोधपुर के लिए लगभग छह हजार करोड़ रुपये के कार्य शामिल थे, लेकिन गहलोत सरकार ने जल जीवन मिशन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। अपनी सरकार बचाने के लिए विधायकों को खुली छूट दी गयी और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता आज भुगत रही है।

उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 1.68 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्यों से संशोधित प्रस्ताव मांगे गये हैं और अगले दो वर्षों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।

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