रांची , मई 06 -- झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य में ट्रेजरी घोटाला को करीब 10 हजार करोड़ रुपये बताते हुए इसे "मदर ऑफ ऑल स्कैम" करार दिया।

श्री शाहदेव ने आज यहां भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार पर झारखंड के कथित सबसे बड़े ट्रेजरी घोटाले को दबाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मामला करीब 10 हजार करोड़ रुपये का है और इसे "मदर ऑफ ऑल स्कैम" कहा जा सकता है।

श्री शाहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे दबाने में जुटी है। हाल ही में जारी पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उसमें केवल उन क्लर्कों के तबादले की बात की गई है, जो तीन साल से एक ही जिले में तैनात हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक ही सीमित क्यों है, जबकि ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर्स (डीडीओ) जैसे बड़े अधिकारियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जांच के लिए गठित एसआईटी की निष्पक्षता पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।

श्री शाहदेव का कहना था कि टीम में शामिल कुछ अधिकारी उसी अवधि में संबंधित जिलों में तैनात थे, जहां घोटाले के आरोप लगे हैं। ऐसे में जांच की पारदर्शिता संदिग्ध हो जाती है। श्री शाहदेव ने आशंका जताई कि जिन अधिकारियों पर आरोप हैं, जांच में उन्हीं का सहयोग लिया जाएगा, जिससे साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल की 2 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि जनवरी 2023 से जनवरी 2026 के बीच 2890 पुलिस कर्मियों के पैन नंबर में बदलाव किया गया, जबकि 537 कर्मचारियों की जॉइनिंग डेट में फेरबदल किया गया।

इसके अलावा श्री शाहदेव ने आरोप लगाया कि महंगाई भत्ता (डी ए) की निर्धारित सीमा से अधिक राशि निकाली गई और ट्रेजरी नियमों का उल्लंघन कर सरकारी धन को निजी खातों और अन्य राज्यों में ट्रांसफर किया गया।

बोकारो के स्ट्रांग रूम में रखे 12 से 14 किलो सोने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार से इसकी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की और इसकी भी जांच कराने की बात कही।

संवाददाता सम्मेलन में शाहदेव ने कहा कि यह घोटाला पशुपालन घोटाले से भी बड़ा हो सकता है और पूरे मामले की जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग की।

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