मुंबई , फरवरी 01 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजीत पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार का राज्यसभा के लिए प्रस्तावित नामांकन का सैद्धांतिक रूप से विरोध किया है। भाजपा ने इसका कारण यह बताया है कि श्री पार्थ पवार की एक विवादित जमीन सौदे में संलिप्तता थी।

वहीं भाजपा ने यह भी संकेत दिया है कि मां सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने से खाली हुई सीट पर राकांपा अगर उनके छोटे बेटे जय पवार को नामांकित करती है तो वह उनका समर्थन करने को तैयार है।

पार्थ पवार ने 2019 लोकसभा चुनाव से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। वह तब मावल सीट से चुनाव हार गये थे। फिलहाल उनका नाम पुणे के कोरेगांव पार्क-मुंधवा इलाके में एक जमीन खरीद मामले की वजह से विवाद में है।

पार्थ पवार की कंपनी 'एमीडिया' को मुंधवा में 40 एकड़ जमीन सिर्फ 300 करोड़ रुपये में दी गयी, जिसका बाजार मूल्य तब करीब 1,800 करोड़ रुपये था। खबर यह भी है कि इस लेन-देन में स्टाम्प ड्यूटी भी माफ कर दी गयी थी। जिस सौदे पर विवाद हुआ था, उसे रद्द कर दिया गया है और जांच चल रही है।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्थ पवार की जगह राजनीतिक रूप से बेदाग जय पवार का समर्थन करने के लिए पार्टी तैयार है।

पहले महायुति विधायकों के समर्थन से सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुनी गयी थीं।

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