पटना , अक्टूबर 21 -- बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) न्यायिक एवं चुनाव आयोग संपर्क विभाग के प्रमुख विंध्याचल राय ने मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के अंतर्गत मोहनिया (सु) विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी श्वेता सुमन के नामांकन पत्र को निरस्त करने की मांग निर्वाचन विभाग से की।

श्री राय ने पटना भाजपा मीडिया सेंटर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस चुनाव में मोहनिया (सु) निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद)की प्रत्याशी श्वेता सुमन ने नामांकन पत्र भरा है, लेकिन इसमें कई त्रुटियां हैं। प्रत्याशी ने बिहार में अनुसूचित जाति वर्ग के प्रमाण-पत्र के आधार पर अनुसूचित जाति हेतु आरक्षित विधानसभा क्षेत्र मोहनिया (सु) से नामांकन दाखिल किया है, जबकि प्रत्याशी मूलतः उत्तर प्रदेश राज्य की निवासी हैं और उनका जन्मस्थान उत्तर प्रदेश है। उनके पति का नाम विनोद राम है।

भाजपा नेता ने बताया कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में श्वेता सुमन ने 'सुमन देवी, पत्नी विनोद राम' के नाम से नामांकन दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने स्वयं स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया था कि वे 'चमार जाति' से संबंध रखती हैं, जो कि उत्तर प्रदेश राज्य की अनुसूचित जाति में आती है। उन्होंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं को लेकर कहा कि किसी अनुसूचित जाति हेतु आरक्षित विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचन लड़ने के लिए प्रत्याशी का उस राज्य का अनुसूचित जाति का सदस्य होना आवश्यक है। ऐसे में बिहार राज्य में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी बनने के लिए यह आवश्यक है कि उम्मीदवार बिहार राज्य की अनुसूचित जाति में सम्मिलित जाति का सदस्य हो।

श्री राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में अनुसूचित जाति के रूप में अधिसूचित 'चमार' जाति, बिहार राज्य में स्वतः अनुसूचित जाति नहीं मानी जा सकती, जब तक कि बिहार की अधिसूचना में उसका उल्लेख न हो और प्रत्याशी का स्थायी निवास बिहार राज्य में नहीं हो।

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