कोलकाता , फरवरी 24 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उस आरोप को खारिज कर दिया जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में केंद्रीय बलों और केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल की आशंका जताई गयी थी।
तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से भाजपा पर विपक्ष शासित राज्यों में सत्ता हासिल करने के लिए केंद्रीय बलों और जांच एजेंसियों का बतौर राजनीतिक हथियार इस्तेमाल करने का आरोप लगाती रही है। तृणमूल कांग्रेस ने देश के दूसरे हिस्सों में पिछले चुनावों का हवाला देते हुए आशंका जताई है कि बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भी इसी तरह के तरीके अपनाये जा सकते हैं।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने इशारा करते हुए कहा कि पार्टी इस विवाद को लेकर अधिक चिंतित नहीं है। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा 2026 के चुनाव के लिए पूरी तैयारी कर रही है और एक मार्च से अपना अभियान तेज करेगी।
गौरतलब है कि चुनावों के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर चर्चा के बीच यह बहस फिर से शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियों का दावा है कि ऐसे तत्वों ने पिछले चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाई है। भारत का चुनाव आयोग पहले ही इशारा कर चुका है कि अगर केंद्रीय बलों की तैनात की जाती हैं, तो वे निष्क्रिय नहीं रहेंगें और उनके काम करने के तरीके के बारे में पहले की शिकायतों को दोबारा होने से रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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