ईटानगर , अप्रैल 23 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को राजधानी ईटानगर में 'जन महिला आक्रोश पदयात्रा' और 'महिला सम्मेलन' का आयोजन किया जिसका मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करना और इसका विरोध करने वाले इंडिया गठबंधन की आलोचना करना था।
भाजपा की अरुणाचल प्रदेश इकाई की ओर से आयोजित यह पदयात्रा आईजी पार्क टेनिस कोर्ट से शुरू होकर जीरो पॉइंट स्थित मोपिन-सोलुंग ग्राउंड पर समाप्त हुई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने विधायी निकायों में अधिक प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर नारेबाजी की।
गौरतलब है कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए लाया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक, 2026 इस महीने की शुरुआत में लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के अड़ियल रुख के कारण यह विधेयक अटक गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा राज्य महिला मोर्चा की अध्यक्ष नबाम याही ताद ने कहा कि यह कानून निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम था। उन्होंने कहा कि विधेयक के पारित न होने से महिलाओं में भारी निराशा है।
राज्य भाजपा महासचिव जुन्टी सिंगफो ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह बिल महिलाओं को प्रतीकात्मक नहीं बल्कि वास्तविक राजनीतिक अधिकार देने के लिए था। उन्होंने यह भी साफ किया कि आरक्षण को जनगणना के आंकड़ों और परिसीमन की संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर लागू किया जाना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित