जयपुर , अगस्त 02 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी के नेता भी स्वीकार कर रहे हैं कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के "प्रशासन शहरों के संग अभियान" जैसी राहत आमजन को वर्तमान सरकार के शिविरों में नहीं मिल रही।
श्री गहलोत ने रविवार को अपने बयान में कहा कि कोटा के निवर्तमान महापौर एवं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री ने स्वयं लोकसभा अध्यक्ष जी को पत्र लिखकर मांग की है कि नियमों में कांग्रेस सरकार के समय जैसी छूट दी जाए।
उन्होंने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने पट्टे देने की जटिल प्रक्रियाओं को सरल किया था: वैकल्पिक दस्तावेजों को मान्यता, 300 वर्गमीटर तक फ्री-होल्ड पट्टे का प्रावधान, लिंक डॉक्यूमेंट के अभाव में शपथ-पत्र से राहत और हक-त्याग व वसीयत के मामलों में मात्र 500 रुपए के स्टांप की सुविधा। इसी संवेदनशीलता से 10 लाख से अधिक परिवारों को उनके आशियाने का मालिकाना हक मिला।
श्री गहलोत ने कहा कि आज कोटा नगर निगम ने शिविरों में केवल दो पट्टे जारी किए हैं, एक हजार से अधिक फाइलें अटकी हैं और कोटा विकास प्राधिकरण ने कच्ची बस्ती के नए आवेदन लेना ही बंद कर दिया है। पूरे राजस्थान में यही हालात हैं। भाजपा सरकार राजनीतिक दुराग्रह छोड़कर पूर्ववर्ती अभियान की छूटें पुनः लागू करे, ताकि आमजन को उसके घर का हक मिल सके।
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