बारां , जून 05 -- राजस्थान में बारां की बरड़िया बस्ती स्थित मंदिर के सामने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की नगर परिषद की कार्रवाई अब राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप लेती जा रही है।

गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान हुए हंगामे के बाद एक ओर नगर परिषद कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए नाराजगी जताई है।

नगर परिषद के अधिशासी अभियंता भुवनेश मीणा के साथ कथित धक्का-मुक्की की घटना के विरोध में शुक्रवार को कर्मचारियों ने पेनडाउन हड़ताल करके कार्यालय पर ताला लगा दिया। कर्मचारियों ने इस मामले में पूर्व पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है।

कोटा रोड स्थित सांसद कार्यालय पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। पार्टी पदाधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते हुए नगर परिषद की कार्रवाई पर सवाल उठाये। उनका कहना है कि जिस भूमि को अतिक्रमण मानकर कार्रवाई की गयी, उस पर संबंधित परिवार का वर्षों पुराना कब्जा रहा है, जबकि आसपास के अन्य कब्जों को नजरअंदाज किया गया। नेताओं ने इसे चयनात्मक कार्रवाई बताया।

जानकारी के अनुसार, नगर परिषद का दल बरड़िया बस्ती स्थित मंदिर के सामने करीब पांच बीघा सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची था। मौके पर मौजूद भाजपा नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल ने कार्रवाई का विरोध करते हुए दावा किया कि भूमि पर उनके परिवार का पुश्तैनी कब्जा है और इससे संबंधित दस्तावेज और पूर्व में जमा किये गये जुर्माने के रिकॉर्ड भी उपलब्ध हैं।

नगर परिषद प्रशासन ने भूमि को सरकारी बताते हुए कार्रवाई जारी रखी। कार्रवाई के दौरान दिलीप शाक्यवाल और भुवनेश मीणा के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गयी। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गये, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाई गयी है। बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह और क्षेत्र के विधायकों को भी घटनाक्रम से अवगत कराया गया है।

फिलहाल नगर परिषद प्रशासन और भाजपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब सभी की नजरें आगामी प्रशासनिक और राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

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