जयपुर , अगस्त 18 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं पर अपराध बोध से ग्रसित होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसी वजह से वे अब 'वंदे मातरम्' को लेकर हल्ला मचा रहे हैं।
श्री गहलोत ने मंगलवार को यहां कांग्रेस की एक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।
उन्होंने कहा, "इनसे पूछा जाना चाहिए कि इन्हें वंदे मातरम् से क्या मतलब है? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नागपुर स्थित मुख्यालय पर 50 वर्षों तक तिरंगा झंडा तक नहीं फहराया गया, जबकि कांग्रेस 90 वर्षों से वंदे मातरम् गाती आ रही है।"उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय जब वंदे मातरम् गाया जाता था, तो वह अंग्रेजों के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक था। उस समय ये लोग अंग्रेजों से मिले हुए थे। उसी दौरान आरएसएस के लोगों ने अपना नया गीत बनाया, जिसे वे अपनी शाखाओं में गाते हैं। पूरी दुनिया जानती है कि इनका गीत कौन-सा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया, "इन्होंने उस समय वंदे मातरम् की बात क्यों नहीं की और अब जाकर इस पर कानून बना रहे हैं? स्वतंत्रता संग्राम में अपनी भूमिका को लेकर ये लोग अपराध बोध से ग्रसित हैं, इसलिए अब ऐसा कर रहे हैं।"श्री गहलोत ने कहा, "इन लोगों ने हाल ही में कानून बनाया है, जबकि हमारा संबंध वंदे मातरम् से पिछले 90 वर्षों से है, जब से यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन का मुख्य स्वर बना। ये लोग बेवजह विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।"कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर टिप्पणी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लगातार उन पर निशाना साधते हैं।
प्रधानमंत्री ने 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया और अब उनके मंत्री किरेन रिजिजू सफाई दे रहे हैं कि यह बात विपक्ष के लिए नहीं कही गयी थी।
श्री गहलोत ने तंज कसते हुए पूछा कि अगर विपक्ष को नहीं कहा, तो फिर किसे कहा था? उन्होंने दावा किया कि भाजपा पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है और उसका ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा है।
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