अमृतसर , मई 30 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि भाजपा व्यक्ति-आधारित नहीं, बल्कि विचारधारा और संगठन आधारित पार्टी है, जहां फैसले व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के बजाय संगठन की आवश्यकताओं और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व टीम द्वारा पिछले एक दशक में लिए गए राजनीतिक और संगठनात्मक निर्णयों को देश की जनता ने बार-बार चुनावी परिणामों के माध्यम से सही साबित किया है। उन्होंने कहा कि केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति भी इसी दूरदर्शी सोच और व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब भाजपा और अधिक मजबूत होगी तथा "विकसित भारत-विकसित पंजाब" के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में नए उत्साह के साथ कार्य करेगी।
प्रो. ख्याला ने कहा कि भाजपा में पदों का चयन केवल जातीय समीकरणों के आधार पर नहीं किया जाता। पार्टी हमेशा योग्यता, अनुभव और सामाजिक समावेश के बीच संतुलन बनाकर निर्णय लेती है। पंजाब जैसे बहुआयामी समाज में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र को मजबूत करने का हिस्सा है। केवल सिंह ढिल्लों लंबे राजनीतिक अनुभव, व्यापक जनसंपर्क और संगठन खड़ा करने की क्षमता रखने वाले नेता हैं। विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों के बीच उनकी मजबूत पकड़ उन्हें पार्टी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में सक्षम बनाती है। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी पंजाब के हर वर्ग और हर क्षेत्र तक अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा भाजपा के केंद्रीकृत ढांचे को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रो. ख्याला ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासित और राष्ट्रीय दृष्टिकोण वाला संगठन है। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक समान विजन और नीति के साथ काम करना केंद्रीकरण नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकता और स्पष्ट नेतृत्व का प्रतीक है। यही मॉडल भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बनाता है।
अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले समय और परिस्थितियों के अनुसार पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं और उनका आधार हमेशा राष्ट्रहित तथा जनहित होता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा आज पंजाब में मजबूत संगठनात्मक ढांचा और समर्पित कार्यकर्ता आधार तैयार कर चुकी है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि 2022 विधानसभा चुनावों के बाद लोकसभा, उपचुनाव, पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। इससे स्पष्ट है कि पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अल्पसंख्यकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।उन्होंने दावा किया कि भाजपा पंजाब में एक मजबूत और विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प के रूप में उभर चुकी है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़कर जनता का विश्वास हासिल करेगी।
प्रो. ख्याला ने कहा कि पंजाब इस समय आर्थिक चुनौतियों, कृषि संकट, नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में व्यक्तिगत मतभेदों या पदों को लेकर बहस करने के बजाय राज्य के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
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