चंडीगढ़ , अक्टूबर 24 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रुख के दबाव में भगवंत मान सरकार को पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

श्री ढिल्लों ने शनिवार को कहा कि पंजाब सरकार की ओर से 21 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निवारक हिरासत की शक्तियां सौंपना इस बात का प्रमाण है कि आम आदमी पार्टी सरकार नशा तस्करों के खिलाफ समय रहते निर्णायक कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम संबंधी कानून (पीआईटी-एनडीपीएस) के तहत नशा तस्करों को एक वर्ष तक निवारक हिरासत में रखने का प्रावधान है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, श्री शाह ने पंजाब के अपने दौरों के दौरान कहा था कि पिछले वर्ष देशभर में इस कानून के तहत 929 मामले दर्ज किए गए, जबकि पंजाब में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पंजाब में पिछले दो वर्षों के दौरान स्वापक नियंत्रण केंद्र (एनसीओआरडी) की एक भी बैठक नहीं हुई, जबकि देश के अन्य राज्यों में ऐसी 48 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं।

श्री ढिल्लों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार करीब पांच वर्षों से पंजाब को नशामुक्त बनाने के वादे कर रही है, लेकिन नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सख्त कानूनों का प्रभावी इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार नशे के मुद्दे को उठाती रही है और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती रही है।

उन्होंने दावा किया कि यदि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनती है, तो राज्य को 31 दिसंबर, 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य पर काम किया जाएगा।

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