चंडीगढ़ , जुलाई 22 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंचे। सेक्टर-35 स्थित किसान भवन से भाजपा कार्यालय की ओर मार्च निकाल रहे किसानों को पुलिस ने बीच रास्ते में बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तथा हल्की झड़प भी हुई।

प्रदर्शन में पंजाब के विभिन्न जिलों से किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद किसानों ने मौके पर ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

स्थिति को शांत करने के लिए चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जतिंदर मल्होत्रा को मौके पर बुलाया गया, जहां किसानों के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। श्री मल्होत्रा ने कहा कि वह किसानों की मांगों को समझते हैं और इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से बातचीत करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को दो दिन के भीतर उचित जवाब दिया जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान के तहत आज दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक कई स्थानों पर टोल प्लाजा फ्री कराने और जिन क्षेत्रों में टोल प्लाजा नहीं थे, वहां भाजपा कार्यालयों तथा पार्टी नेताओं के आवासों का घेराव करने का कार्यक्रम रखा गया था।

चंडीगढ़ में किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें भाजपा कार्यालय पहुंचने से पहले ही रोक दिया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। किसान नेताओं का कहना है कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण केंद्र सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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