नयी दिल्ली , दिसंबर 31 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दावों को भ्रामक और झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा कि कांग्रेस के पास झूठ परोसने के अलावा कोई काम नहीं है।

श्री नड्डा ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा , "कांग्रेस मध्य प्रदेश हारी, छत्तीसगढ़ हारी, महाराष्ट्र हारी, दिल्ली और बिहार में आपका सूपड़ा साफ़ हो गया। इसके बाद भी श्री खरगे झूठ की खेती करने से बाज नहीं आ रहे।"उन्होंने मनरेगा पर कहा कि इसको 'वीबी जी राम जी के रूप में' और व्यापक बनाया गया है, काम के दिनों को बढ़ा कर 125 दिन करने के साथ 15 दिन में भुगतान सुनिश्चित किया गया है और इससे ग्राम सशक्तिकरण को जोड़ा गया है। उन्होंने सवाल किया कि बिहार में आपके कितने बीएलए जमीन पर उतरे और कितनी शिकायत चुनाव आयोग से की। जनता की वोट चोरी तो हुई नहीं, उन्होंने तो अपने मताधिकार का प्रयोग कर आपकी 'बूथ चोरी' और झूठ की दुकान बंद कर दी।

श्री नड्डा ने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है बल्कि तमाम उथलपुथल के बीच दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था भी है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर है लेकिन आपको ये दिखाई नहीं देगा क्योंकि आपकी मंशा तो देश को बदनाम करने की है। देश की सेना पर सवाल उठाने पर उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को पूरी दुनिया ने सलाम किया लेकिन आपके तमाम नेता पाकिस्तान की भाषा बोलते रहे। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस को दूसरे देशों पर विश्वास है, यहाँ तक कि पाकिस्तान के नेताओं पर विश्वास है लेकिन देश की सेना पर नहीं, देश की संसद पर नहीं, देश के प्रधानमंत्री पर नहीं, देश के रक्षा मंत्री पर नहीं।

श्री नड्डा ने कहा कि मंहगाई पर आपने गलत बयानी की और जीएसटी सुधारों से देश की अर्थव्यवस्था को किस तरह फायदा हुआ है, ये तो दुनिया के तमाम आर्थिक विशेषज्ञ बता रहे हैं। उन्होंने श्री राहुल गांधी पर निशाना साधते हुये कहा कि कांग्रेस नेता 'न्यू ईयर' की छुट्टियाँ मना रहे हैं तो हमारी सरकार, प्रधानमंत्री बैठक करके आधारभूत संरचना को मंजूरी दे रहे हैं।

श्री नड्डा ने कहा कि श्री खरगे और उनकी पार्टी ने न्यायपालिका को जितना बदनाम इतना आजतक किसी ने नहीं किया। आपके हिसाब का फैसला नहीं हुआ तो उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ आप महाभियोग लेकर आ गए, अब मद्रास उच्च न्यायालय के खिलाफ महाभियोग लेकर आ गए।

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