चेन्नई , मार्च 23 -- तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), डॉ. अंबुमणि के नेतृत्व वाले वन्नियार-ओबीसी बहुल पट्टाली मक्कल कच्ची (पीएमके) गुट और टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाले एएमएमके ने सोमवार को अन्नाद्रमुक के साथ सीट बंटवारे का समझौता किया।
यह समझौता भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में हुआ। श्री पीयूष तमिलनाडु के चुनाव प्रभारी भी हैं।
समझौते के अनुसार, भाजपा को 27 सीटें आवंटित की गईं, जो 2021 के चुनावों में लड़ी गई सीटों से सात अधिक हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद निर्वाचित अंबुमणि को 18 सीटें आवंटित की गईं और श्री दिनाकरन, जिन्हें कुछ महीने पहले राजग छोड़ने के बाद फिर से शामिल किया गया था उनकी पार्टी को 11 सीटें आवंटित की गईं।
राजग के तीन मुख्य सहयोगी दलों को सीटों के आवंटन की घोषणा श्री गोयल, अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी (जो गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भी हैं), पीएमके, एएमएमके और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने की।
सीट बंटवारे के समझौते पर श्री गोयल और गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के नेताओं ने शहर स्थित अन्नाद्रमुक पार्टी कार्यालय में हुई अंतिम दौर की वार्ता के बाद हस्ताक्षर किए। रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा ने 30 सीटों की मांग की थी, लेकिन वार्ता के दौरान वह 27 सीटों पर सहमत हो गई।
वर्ष 2021 के चुनावों में पीएमके को 23 सीटें आवंटित की गई थीं, जब पार्टी एकजुट थी। अब पार्टी में पिता-पुत्र के बीच नेतृत्व विवाद के बाद विभाजन हो गया है। एक गुट का नेतृत्व अंबुमणि कर रहे हैं, जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व पार्टी संस्थापक डॉ. एस. रामदास कर रहे हैं, जिन्होंने इस चुनाव के लिए अन्नाद्रमुक की पूर्व नेता और दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की करीबी सहयोगी वी. के. शशिकला द्वारा गठित नई पार्टी के साथ गठबंधन किया है।
श्री गोयल और श्री पलानीस्वामी ने कहा कि पूर्व केंद्रीय जहाजरानी मंत्री जी.के. वासन की टीएमसी और अन्य छोटी पार्टियों के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है और समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद दिन में बाद में यह घोषणा की जाएगी कि कितनी सीटें मिलेंगी और वे किस पार्टी के चुनाव चिन्ह (एआईएडीएमके या भाजपा) के तहत चुनाव लड़ेंगे।
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