भागलपुर , मार्च 17 -- बिहार के भागलपुर में पासपोर्ट से संबंधित सेवाओं तक आसान पहुंच और विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को "पासपोर्ट सेवा - आपके द्वार पासपोर्ट" के तहत एक विशेष कैंप आयोजित किया गया।
भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में दो दिवसीय मोबाइल वैन कैंप का उद्घाटन करते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी स्वाधा रिज़वी ने कहा कि यह कैंप संस्थान के छात्रों और शिक्षकों को पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक समुदाय के लिए पासपोर्ट सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना और आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
सुश्री रिजवी ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि इस कैंप को आवेदकों, विशेषकर विदेश में पढ़ाई करने और अंतरराष्ट्रीय करियर की संभावनाएं तलाशने वाले छात्रों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। पासपोर्ट मोबाइल वैन सुविधा की सहायता से आवेदक स्थल पर ही पूरी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकता है , जिसमें दस्तावेजों का सत्यापन, बायोमेट्रिक विवरण संग्रह और आवेदन जमा करना शामिल था।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि इस कैंप के लिए कुल 95 अपॉइंटमेंट निर्धारित किए गए थे, जिनमें 77 पुरुष और 18 महिला आवेदक शामिल थे। इन सभी आवेदनों की प्रक्रिया दो दिवसीय कैंप के दौरान की जा रही है, जिससे आवेदक स्थल पर ही आसानी से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सकें। अधिकांश आवेदक कॉलेज के छात्र थे, जो नए पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहे थे। इस कैंप ने उन्हें कॉलेज परिसर में ही सभी प्रक्रियाएं पूरी करने में काफी मदद की, जिससे उन्हें पासपोर्ट ऑफिस जाने की आवश्यकता नही पड़ी।
सुश्री रिजवी ने बताया कि अप्रैल 2024 से अब तक पटना षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) की तरफ से यह 16वां कैंप आयोजित किया गया है। बिहार के विभिन्न जिलों और प्रमुख संस्थानों में आयोजित ऐसे कैंपों के माध्यम से अब तक लगभग 2000 आवेदकों को पासपोर्ट सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। इस प्रकार के प्रयासों का उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं को नागरिकों के और करीब लाना तथा आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुलभ बनाना है।
इस अवसर पर भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य ने कॉलेज परिसर में इस कैंप के आयोजन के लिए आरपीओ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संस्थान के लिए पासपोर्ट सेवाओं को सुगम बनाने के प्रयासों की सराहना की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित