अमृतसर , अप्रैल 15 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ( एसजीपीसी ) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब की स्थायी सदस्यता समाप्त करने संबंधी केंद्र सरकार की अधिसूचना को पंजाबियों के साथ एक और अन्याय करार दिया है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार पंजाब के अधिकारों, हितों और सिख कौम की वाजिब मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। पंजाब से संबंधित पानी के बंटवारे का मामला हो, चंडीगढ़ और अन्य पंजाबी भाषी इलाकों का मसला हो, या कृषि और अर्थव्यवस्था से जुड़े मामले-पंजाब के साथ हर जगह बेइंसाफी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब के दरियाई पानी, जिस पर पहला अधिकार पंजाब के लोगों का है, को अन्य राज्यों में अवैध तरीके से भेजने के लिए अड़ी हुई है। इसीलिए नियमों में बदलाव करके पंजाब के अधिकार छीने जा रहे हैं।
शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि यह पंजाब के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने याद दिलाया कि 1974 में बी.बी.एम.बी. के गठन के बाद से एक स्थिर प्रणाली रही है, लेकिन अब केंद्र अपनी मर्जी के अनुसार नियुक्तियां करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और ऐसा कोई भी नियम लागू करने की कोशिश न की जाए, जो पंजाबियों के अधिकारों को छीनने वाला हो।
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