नयी दिल्ली , अप्रैल 19 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता और राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आदर्श चुनाव आचार संहिता के 'गंभीर उल्लंघन' का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले की तुरंत जांच करने की मांग की है।
श्री विश्वम ने 19 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में तर्क दिया कि पांच राज्यों में चल रहे चुनावों के बीच राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री का हालिया संबोधन 'राजनीतिक' था। उन्होंने कहा कि इस भाषण में एकतरफा बातें की गईं और जनता की राय को प्रभावित करने की सीधी कोशिश की गई। यह तब किया गया जब देश के पांच राज्यों में चुनावी प्रक्रिया चल जारी है।
भाकपा नेता ने जोर देकर कहा कि आचार संहिता लागू होने के दौरान इस तरह का संबोधन, निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाता है। उन्होंने विशेष रूप से दूरदर्शन और संसद टीवी जैसे सरकारी चैनलों पर इस संबोधन के प्रसारण पर चिंता जताई और इसे चुनावी नियमों का उल्लंघन बताया।
श्री विश्वम ने पत्र में लिखा, "राजनीतिक भाषण के प्रसार के लिए सरकारी संसाधनों और आम लोगों के पैसों से चलने वाले मंचों का उपयोग करना चुनावी मानदंडों का अपमान है।" उन्होंने कहा कि ऐसे कामों से चुनाव आयोग की उस जिम्मेदारी को ठेस पहुँचती है, जिसके तहत वह सभी दलों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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