हैदराबाद , अप्रैल 03 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय सचिव के रामकृष्ण ने शुक्रवार को मांग की कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी स्पष्ट करें कि तेलंगाना की जनता से किये गये वादों में से वास्तव में कितने लागू किये गये हैं।

श्री रामकृष्ण ने एक बयान में मुख्यमंत्री के केरल के हालिया दौरे के दौरान दिये गये बयानों की आलोचना की, जहां उन्होंने चुनावी घोषणापत्र जारी करते हुए दावा किया था कि तेलंगाना में छह गारंटियों को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे भ्रामक हैं और मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वह खुद तेलंगाना के भाकपा-माकपा नेताओं को जमीनी हकीकत समझायें।

श्री रामकृष्ण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के किये गये कई प्रमुख वादे अधूरे हैं। उन्होंने रेखांकितकिया कि 'कल्याण लक्ष्मी' योजना के तहत एक तोला (10 ग्राम) सोना देने का आश्वासन लागू नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह जॉब कैलेंडर जारी करने का वादा भी हकीकत नहीं बन पाया है और सरकार ने केवल उन पदों को भरा है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया पिछली बीआरएस सरकार के दौरान शुरू की गयी थी।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि आरटीसी को राज्य सरकार में विलय करने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, जबकि दो लाख रुपये की कृषि ऋण माफी केवल सीमित किसानों तक ही विस्तारित की गयी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'रायतु भरोसा' योजना के तहत प्रति एकड़ 15,000 रुपये प्रदान करने का वादा पूरा नहीं हुआ है।भाकपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पेंशन बढ़ाकर 4,116 रुपये करना, 'युवा विकासम' के तहत वित्तीय सहायता, 'महालक्ष्मी' योजना के तहत 2,500 रुपये की मासिक सहायता, 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति और तेलंगाना आंदोलन के कार्यकर्ताओं को 200 वर्ग गज जमीन का आवंटन जैसे वादे अभी तक लागू नहीं हुए हैं।

श्री रामकृष्ण ने कहा कि ये आश्वासन काफी हद तक कागजों पर ही सीमित हैं और मुख्यमंत्री के लिए राज्य के बाहर इसके विपरीत दावा करना अनुचित है। उन्होंने मांग की कि सरकार राजनीतिक नेताओं और जनता दोनों को स्पष्ट रूप से बताये कि ये वादे कहां और कैसे पूरे किये गये हैं।

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