हैदराबाद , मई 28 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता के. नारायण ने फिल्मों की टिकटों में मनमाने ढंग से बढ़ोतरी और लाभार्थ शो के बढ़ते चलन का विरोध करते हुए कहा कि फिल्म उद्योग को बड़े बजट की फिल्मों और मनोरंजन के नाम पर आम लोगों पर बोझ नहीं डालना चाहिए।
श्री नारायण ने हाल में टेलीविजन चैनलों में प्रसारित उन खबरों का उल्लेख किया, जिनमें फिल्म उद्योग से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तियों के मेगास्टार चिरंजीवी के आवास पर बैठक करने की बात कही गई थी। उन्होंने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि चर्चा के विषयों में फिल्मों की रिलीज के दौरान टिकट कीमतों में बढ़ोतरी से होने वाली अतिरिक्त आय में हिस्सेदारी की मांग भी शामिल थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म निर्माता और उद्योग प्रतिनिधि बड़ी फिल्मों के भारी बजट का हवाला देते हुए लाभार्थ शो और टिकटों की कीमतों में विशेष बढ़ोतरी के लिए बार-बार अनुमति मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें आसानी से ऐसी अनुमतियां दे रही हैं, जिससे अंततः आम जनों पर आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
श्री नारायण ने कहा, "सिनेमा मनोरंजन और संस्कृति का माध्यम है लेकिन इसे कला के नाम पर दर्शकों का शोषण करने का उपकरण नहीं बनना चाहिए।"उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में टिकट इतने महंगे हो गए हैं कि एक आम परिवार को सिनेमाघरों में फिल्म देखने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि सिनेमा को आम जनता के लिए किफायती और सुलभ बनाने के उपायों पर चर्चा करने के बजाय, टिकटों की बढ़ी हुई कीमतों से अर्जित अतिरिक्त कमाई को साझा करने पर बहस हो रही है।
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