हैदराबाद , फरवरी 17 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के तेलंगाना राज्य सचिव और विधायक कुनमनेनी सांबशिव राव ने मंगलवार को कहा कि साम्यवाद आज भी प्रासंगिक और मजबूत बना हुआ है और राज्य के लोग इस बात से खुश हैं कि नवनिर्मित कोठागुडेम नगर निगम का पहला महापौर भाकपा से हैं।
उन्होंने हिमायतनगर के मखदूम भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भाकपा ने एक युवा और साधारण ऑटो चालक को कोठागुडेम का महापौर बनाया है, जो आम लोगों को सशक्त बनाने के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि कोठागुडेम नगर निगम में चतुष्कोणीय मुकाबला था, जहां भाकपा ने अकेले चुनाव लड़ा और कामयाबी हासिल की।
श्री राव ने कहा कि भाकपा ने 22 पार्षद सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि पार्टी समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की। इस क्षेत्र में भाजपा की उपस्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि कोठागुडेम में भाजपा कहां है, जबकि उसने पहले कम्युनिस्टों के अस्तित्व पर ही सवाल उठाये थे।
उन्होंने दृढ़ता से कहा, "साम्यवाद पर कोई पूर्ण विराम नहीं होगा। यह कई देशों में लगातार बढ़ रहा है।"उन्होंने बताया कि हाल के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भाकपा ने 41 सीटें जीती हैं। गठबंधन के मुद्दे पर श्री राव ने कहा कि कांग्रेस और भाकपा सहयोगी होने का दावा करते हैं, लेकिन गठबंधन हर स्तर के चुनावों में अपने आप लागू नहीं होता।
उन्होंने भविष्य के चुनावों में कांग्रेस को पुरानी गलतियां न दोहराने की चेतावनी दी। उन्होंने चुनाव के दौरान सत्ता के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया और कहा कि लाल शर्ट पहने भाकपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका था और कोठागुडेम में नामांकन वापसी की प्रक्रिया के दौरान एक सर्किल इंस्पेक्टर ने बंदूक तानी थी। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक और अस्वीकार्य बताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ मुद्दों पर सरकारों का समर्थन करने के बावजूद भाकपा जनविरोधी नीतियों या कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
श्री राव ने कोठागुडेम के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि बीआरएस ने महापौर और उपमहापौर पदों के लिए भाकपा को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की थी और अपना समर्थन वापस नहीं लिया था। उन्होंने कहा कि हालांकि कांग्रेस के साथ राष्ट्रीय स्तर की समझ के कारण भाकपा बीआरएस के समर्थन को स्वीकार नहीं कर सकी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस और कम्युनिस्टों को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट रहना चाहिए।
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