कोलकाता , मार्च 30 -- पश्चिम बंगाल में सोमवार सुबह दक्षिण 24-परगना के भांगर इलाके में उस समय तनाव फैल गया, जब स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता रज्जाक खान की हत्या के आरोपियों में से एक रफीकुल खान की जान लेने की कोशिश की गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार खान पर भांगर-2 प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कार्यालय के सामने धारदार हथियारों से हमला किया गया। यह घटना दिन-दहाड़े हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। कार्यालय के मुख्य द्वार के पास घात लगाकर उन पर हमला किया गया, जहां अज्ञात हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की कोशिश में धारदार हथियारों से उन पर वार किए।
घटना की सूचना मिलते ही बिजयगंज पुलिस थाने के जवान तुरंत मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल से धारदार हथियार और बांस की लाठियां बरामद कीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह हमला पहले से सोची-समझी साजिश के तहत किया गया था। घायल खान को बचाकर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
गौरतलब है कि इस घटना ने 2025 में हुई रज्जाक खान की सनसनीखेज हत्या की यादें ताजा कर दी हैं। खान टीएमसी के कद्दावर नेता शौकत मौल्ला के करीबी जाने जाते थे। टीएमसी के इस प्रभावशाली नेता को शाम के समय घर लौटते समय गोली मार दी गई थी। करीब से गोली मारे जाने के बाद वह सड़क पर ही गिर पड़े थे।
उस घटना के बाद रफीकुल खान को कई अन्य लोगों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उन्हें, तीन अन्य सह-आरोपियों के साथ जमानत पर रिहा कर दिया गया था। रिहाई के बाद से खान छुप कर रह रहे थे और लोगों की नजरों से दूर रहकर अपना जीवन बिता रहे थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले के पीछे के मकसद का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं कि क्या यह हमला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम था या फिर किसी निजी रंजिश का।
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