भरतपुर , अगस्त 03 -- राजस्थान के भरतपुर संभाग में सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ वैश्य समुदाय द्वारा नाग पंचमी का त्यौहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वैश्य समुदाय की महिलाओं ने जंगल और साँपों की बाबीयों वाले क्षेत्रों में जाकर सुख समृद्धि की कामना करते हुए नाग देवता की पूजा की।

वैश्य समुदाय के परिवारों में नाग पंचमी पर तला-भुना भोजन बनाने से परहेज करते हुए पूजा के लिए अपने-अपने क्षेत्र की परंपरा के अनुसार अलग-अलग तरह व्यंजन बनाये गए। कई घरों में खीर, पूड़ी, मालपुआ, पुआ, हलवा, दही-चावल, पंचामृत और मौसमी मिठाइयां बनाई गई। पूजा के बाद तैयार किए गए प्रसाद को सबसे पहले नाग देवता को अर्पित किया गया फिर परिवार के लोगों ने इसे ग्रहण किया।

नाग पंचमी के दिन दूध चढ़ाने की परंपरा काफी पुरानी है। धार्मिक मान्यता है कि दूध अर्पित करना नाग देवता के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक है। लोग परिवार की सुख-शांति, संतान की रक्षा और अच्छी सेहत की कामना करते हुए नाग देव को दूध अर्पित करते हैं।

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