भरतपुर , जून 18 -- राजस्थान में भरतपुर संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल में निम्न स्तर की मशीनों के लगाये जाने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को एक रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के धरने पर बैठने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धरने पर बैठे रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर हरिचरण ने आरोप लगाया कि अस्पताल में सोनोग्राफी की जो मशीनें लगायी गयी हैं, वे निम्न गुणवत्ता की हैं। मशीनों में कुछ दिखाई नहीं देता। मरीजों का डायग्नोसिस गलत होने के काफी अवसर होते हैं। अस्पताल प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के धरने के बाद सोनोग्राफी की दो मशीनों को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

डाॅ हरिचरण ने बताया कि बाजार में अच्छी गुणवत्ता की मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद छह महीने पहले अस्पताल प्रशासन द्वारा खरीदी गयी 30-30 लाख रुपये कीमत की चीनी तकनीक की इन मशीनों के अंदर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर काफी ख़राब हैं। प्रशासन ने इन मशीनों को ठीक करने या नयी मशीनों को लगाने का आश्वासन दिया है। दो दिन में मशीनें ठीक नहीं होती, तो वह वापस धरने पर बैठेंगे। मामले की जांच के लिए पांच चिकित्सकों की समिति बना दी गयी है।

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