हैदराबाद , मार्च 20 -- तेलंगाना सरकार प्रसिद्ध श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर, भद्राचलम के विकास के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार कर रही है। सरकार का लक्ष्य इस पावन स्थल को एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करना है।

शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मंत्रियों- पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, कोंडा सुरेखा, तुम्मला नागेश्वर राव और वाकाटी श्रीहरि ने इस मास्टर प्लान पर चर्चा की। मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार "दक्षिण अयोध्या" के रूप में विख्यात भद्राचलम के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने बताया कि मंदिर का विकास तीन चरणों में किया जाएगा। यह योजना अगले 200 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, आगम शास्त्र के सिद्धांतों और भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अगले वर्ष होने वाले गोदावरी पुष्करम की शुरुआत से पहले पुष्कर घाट और मंदिर विकास के पहले चरण सहित सभी प्रमुख कार्यों को पूरा कर लिया जाए। सरकार का उद्देश्य भद्राचलम को तेलंगाना के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित