भदोही , अक्टूबर 26 -- उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में दिवंगत उपनिरीक्षक राजन बिंद की फर्जी पत्नी बनकर सरकारी नौकरी, सेवा निधि और अन्य लाभ हासिल करने के प्रयास का मामला सामने आया है। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर एक महिला समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता रमापति बिंद ने आरोप लगाया है कि उनके दिवंगत बेटे को विवाहित दर्शाकर सरकारी लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से कथित तौर पर फर्जी विवाह की तस्वीरें और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजन बिंद वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे और प्रतापगढ़ जिले में तैनात थे। गत 10 दिसंबर 2025 को औराई क्षेत्र में नरथुआ पेट्रोल पंप के सामने सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी।

परिजनों का कहना है कि राजन अविवाहित थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके पिता रमापति बिंद नामिनी हैं और उन्हें नियमित पेंशन मिल रही है। आरोप है कि इसके बावजूद कुछ लोगों ने एक महिला को राजन की पत्नी बताकर सरकारी नौकरी और अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित विभागों में प्रार्थना पत्र दिए थे। शिकायत के अनुसार, जांच के बाद इन प्रार्थना पत्रों को निरस्त कर दिया गया था।

रमापति बिंद ने बताया कि उन्होंने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पहले औराई कोतवाली में शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का रुख किया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है, और मामले की विवेचना जारी है।

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