भदोही , जनवरी 23 -- उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी भदोही में डाइंग व वाशिंग प्लांटों के प्रदूषित पानी से सामान्य जनजीवन पर संभावित खतरों पर जिला प्रशासन का रवैया सख्त देखा गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर कालीन नगरी स्थित लगभग एक दर्जन डाइंग प्लांटों का औचक निरीक्षण किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कालीन नगरी में चल रहे वाशिंग व डाइंग प्लांटों का प्रदूषित खतरनाक रसायनों से युक्त विषैला पानी बोरिंग करके या तो भूजल में प्रविष्ट करा दिया जाता है या फिर नदी-नालों में छोड़ दिया जाता है। नदियों में बह रहे विषैले प्रदूषित पानी से पशु पक्षियों व अन्य जीव जंतुओं के लिए जहां खतरा बढ़ गया है वहीं भूगर्भ में सुरक्षित शुद्ध पेयजल के प्रदूषित होने से शहरी क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए पेट की गंभीर बीमारियों सहित अल्सर व कैंसर का खतरा बना हुआ है।

जल प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने सख्त रवैया अपनाते हुए विभागीय अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए थे। डीएम के सख्त रुख के बाद पिछले लगभग दो सप्ताह पहले जिले के गोपीगंज क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक प्लांट संचालकों की जांच कर कड़ी चेतावनी दी गई थी।

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