भदोही , सितंबर 2 -- उत्तर प्रदेश के भदोही में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है। बुधवार शाम नदी का जलस्तर 78.07 मीटर के पार पहुंच गया। गंगा चेतावनी बिंदु से करीब दो मीटर और खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे बह रही है।

प्रशासन के अनुसार गंगा के जलस्तर में दो से तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर और खतरे का निशान 81.20 मीटर निर्धारित है। बताया गया है कि प्रयागराज संगम और उसके पीछे गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन बैराज से छोड़ा गया पानी पहाड़ी नदी टोंस के रास्ते प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में गंगा में मिल रहा है। इसके चलते भदोही में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में सैकड़ों बीघे में लगी परवल समेत अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं। सेमराध, रामपुर और सीतामढ़ी स्थित महर्षि वाल्मीकि गंगा घाट की पक्की सीढ़ियां भी पानी में डूबने लगी हैं।

सीतामढ़ी स्थित उड़िया बाबा आश्रम तीन ओर से पानी से घिर गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने गंगा में नौका संचालन पर रोक लगा दी है। कोनिया क्षेत्र में नदी के यू-टर्न के कारण छेछुआ और भुर्रा गांवों के पास मिट्टी का कटान तेज हो गया है। बेरासपुर, बिहरोजपुर, बदरी और बारीपुर गांवों में गंगा का पानी बंधे को पार कर नालों की ओर बढ़ने लगा है। कुछ स्थानों पर गंगा किनारे स्थित शवदाह गृह और सरकारी स्कूल के नजदीक भी पानी पहुंच गया है।

प्रशासन ने संभावित बाढ़ और कटान के मद्देनजर जिले में 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं, तथा कंट्रोल रूम स्थापित किया है। जिलाधिकारी शैलेष कुमार और अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला के नेतृत्व में टीमें प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही हैं।

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