जयपुर , जुलाई 10 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी रामजल सेतु लिंक परियोजना के सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये हैं ताकि निर्धारित समय-सीमा से पहले ही जनता को लाभ मिल सके।

श्री शर्मा ने शुक्रवार को परियोजना की प्रगति पर उच्च स्तरीय चर्चा करते हुए अधिकारियों को यह निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से मूर्त रूप लेने जा रही यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के जल भविष्य को सुरक्षित करने की ऐतिहासिक पहल है, जिससे प्रदेश के लाखों लोगों को पेयजल, सिंचाई एवं औद्योगिक उपयोग के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजल सेतु परियोजना केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि पूर्वी राजस्थान के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधार बनेगी। यह परियोजना प्रदेश की भावी जल सुरक्षा, किसानों की समृद्धि तथा औद्योगिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजना के प्रत्येक चरण को निर्धारित टाइमलाइन में पूरा करें, ताकि इसका लाभ शीघ्रातिशीघ्र प्रदेश की जनता तक पहुंच सके।

उन्होंने परियोजना से जुड़े प्रत्येक घटक की नियमित निगरानी की जाए, मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं हो। मुख्यमंत्री ने परियोजना के विभिन्न पैकेजों एवं निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

श्री शर्मा ने बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर), ईसरदा से बंध बारेठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ़ (जयपुर), खुरा-चैनपुरा से जयसमंद (अलवर) तथा ब्राह्मणी बैराज सहित विभिन्न घटकों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। साथ ही परियोजना से जुड़े सभी निर्माण कार्यों का सतत एवं सघन पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने परियोजना से प्रभावित परिवारों के हितों का विशेष ध्यान रखने पर बल देते हुए कहा कि पुनर्वास एवं मुआवजा संबंधी सभी कार्य संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किये जायें। एक भी परिवार को पुनर्वास या मुआवजे को लेकर परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि परियोजना से संबंधित अधिकारी कार्यों पर कड़ी निगरानी रखें, ताकि काम समय पर तो पूरा हो ही, क्वालिटी टेस्टिंग भी नियमित रूप से होती रहे।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन अभय कुमार ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत 24 हजार करोड़ से अधिक के कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने बताया कि नवनेरा बैराज एवं ईसरदा बांध का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, रामगढ़ बैराज एवं महलपुर बैराज के ओवरफ्लो भाग का कार्य प्रगतिरत है, जिसके अन्तर्गत लगभग 600 क्यूबिक मीटर/प्रतिदिन कंक्रीटिंग का कार्य किया जा रहा है। इसी तरह परियोजना के अन्तर्गत एक महत्त्वपूर्ण घटक नवनेरा पम्प हाउस हेतु 10 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी खुदाई का कार्य भी प्रगति पर है।

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