जयपुर , जुलाई 18 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को यहां राजस्थान साइबर क्राइम कन्ट्रोल सेंटर (आर4सी) और उसके तहत संचालित हेल्पलाइन 1930 का निरीक्षण किया।
श्री शर्मा ने पुलिस मुख्यालय में इनका किए निरीक्षण के दौरान प्रदेश में साइबर अपराधों के विरूद्ध की जा रही प्रभावी कार्रवाई का फीडबैक लेकर साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिये। उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों की बैठक लेकर सोशल मीडिया सहित अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए साइबर अपराधों के विरुद्ध आमजन में जागरुकता बढ़ाने के निर्देश दिये। साथ ही, कहा कि स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विशेष जागरुकता अभियान चलाये जायें। उन्होंने बैंकिंग संस्थानों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर साइबर अपराधियों के बैंक खाते तुरंत ब्लॉक करवाने तथा आधुनिक तकनीक एवं डेटा विश्ल़ेषण का उपयोग कर त्वरित कार्रवाई से साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिये भी निर्देशित किया। उन्होंने साइबर ठगों की गिरफ्तारी के साथ ही उनकी संपत्तियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम के लिए राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है। इसी क्रम में, उन्होंने आर4सी के लिए नया भवन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही, उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम में अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाने वाले लोगों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाये।
मुख्यमंत्री को पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन 1930 पर लगभग 95 प्रतिशत शिकायतें समय पर दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। पहले 30 लाइनों पर शिकायतें सुनी जा रही थी। अब इसे विस्तार देते हुए 53 लाइनें कर दी गयी हैं तथा इस हेल्पलाइन को तीन पारियों में संचालित किया जा रहा है। शीघ्र ही, हेल्पलाइन में 60 लाइनों की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे हर पीड़ित की शिकायत समय पर सुनी जा सके।
गत जून में कॉल टेकर लाइन, रिप्लाई प्रतिशत (टीसीएस एवं एनसीआरपी) में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वहीं, पांच लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी पर 412 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। गृह मंत्रालय द्वारा डिजिटल सुरक्षा एवं अनुसंधान के लिए वर्ष 2026 में 54 पुलिस कार्मिकों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है।
इसी प्रकार, साइबर अपराधों के विरुद्ध ऑपरेशन वज्र प्रहार, ऑपरेशन साइबर शील्ड, ऑपरेशन एन्टी वायरस, ऑपरेशन म्यूल हंटर जैसे विशेष अभियानों को चलाकर अपराधियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों को रिफंड, सिम और आईएमईआई ब्लॉक करने की कार्रवाई की गयी हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में बैंक और साइबर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए 21 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्पेशल स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की बैठक भी बुलाई गयी है।
उल्लेखनीय है कि श्री शर्मा ने राजस्थान में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए बजट 2026-27 में राजस्थान आर4सी की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया।
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