जयपुर , फरवरी 16 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय और राज्य बजट में घोषित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया है।
श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर बीकानेर-जोधपुर संभाग के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया और इस दौरान यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति कार्यकर्ता हैं, जिनकी मेहनत के कारण आज पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। भाजपा कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने का समर्पण भाव से कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य बजट 2026-27 दस मजबूत स्तंभों पर आधारित है, जिनमें अवसंरचना का विस्तार, नागरिक सुविधाओं से गुणवत्तायुक्त जीवन स्तर में वृद्धि, औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन, मानव संसाधन का सशक्तीकरण, सुदृढ़ सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर, सुशासन एवं डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास एवं किसानों का कल्याण, हरित विकास एवं पर्यावरणीय सततता और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने वीबी जी राम जी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि अब गांवों में स्थायी कार्य हो सकेंगे तथा ग्रामीणों का आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्तीकरण होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से कानून के प्रावधानों को लेकर झूठ की राजनीति की जा रही है और केवल भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि इस वर्ष के राज्य बजट में चार हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के तहत 76 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 900 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी की गई है।
श्री शर्मा ने कहा कि अब तक एक लाख से अधिक को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी है। एक लाख 54 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है तथा एक लाख का भर्ती कैलेण्डर जारी किया है। वहीं, निजी क्षेत्र में दो लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए हैं।
संवाद के दौरान बजट और सरकार की जनकल्याणकारी योजनओं को लेकर कार्यकर्ताओं से जिलेवार फीडबैक लिया गया। इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे, केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल, सांसद घनश्याम तिवाड़ी एवं दामोदरदास अग्रवाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष औंकार सिंह लखावत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित बीकानेर-जोधपुर संभाग के प्रभारी, सहप्रभारी और प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद थे।
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