इटावा , जुलाई 26 -- समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने कहा किभगवा पहने के बावजूद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल झूठ बोलते हैं।

यहां संवाददाताओं से बातचीत में श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवा पहनकर भी झूठ बोल रहे । आज मुख्यमंत्री ने इटावा में आकर कहा कि इटावा बदनाम था , इटावा के नाम से होटलों में कमरा नहीं मिलता था, तो मैं बताना चाहता हूँ कि इटावा जनपद का गौरवशाली इतिहास रहा है और कभी किसी भी इटावा वासी ने अपनी पहचान नहीं छुपाई । मुख्यमंत्री ने इटावा आकर इस तरह की बात करके इटावा का अपमान किया है ।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सैफ़ई चिकित्सा विश्वविद्यालय के विकास का इतिहास भी तोड़-मरोड़कर पेश किया, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। मुख्यमंत्री को जनता के सामने तथ्यों के आधार पर ही बोलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 2012 से 2017 तक सपा सरकार ने सैफई विश्वविद्यालय के विकास के लिए कोई कार्य नहीं किया, जबकि सच यह है कि श्रद्धेय नेताजी ने सैफई में उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना कराई थी। वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे विश्वविद्यालय घोषित किया और वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय का गठन कराया।

विश्वविद्यालय बनने के बाद श्री यादव की सरकार ने 500 बेड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए 537 करोड़ स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया था। वर्ष 2017 में सरकार बदलने के बाद यह परियोजना वर्षों तक अधूरी पड़ी रही। बाद में परियोजना की लागत घटाकर 490 करोड़ कर दी गई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह मार्च 2024 को इसका उद्घाटन किया।

उद्घाटन के दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद 500 बेड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल आज तक पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्था ने अभी तक भवन विश्वविद्यालय प्रशासन को हैंडओवर नहीं किया है। केवल पुराने अस्पताल से कुछ चिकित्सकों को वहां बैठाकर ओपीडी सेवाएं संचालित कराई जा रही हैं, जबकि अस्पताल का पूर्ण संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

श्री यादव ने कहा कि यही स्थिति अन्य परियोजनाओं की भी है। सैफई में 207 करोड़ की लागत से दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम की तर्ज पर बनाए गए अंतरराष्ट्रीय तरणताल का उद्घाटन होने के बावजूद वह आज तक पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो सका है। वहीं लखनऊ के इकाना स्टेडियम की तर्ज पर बने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भी अब तक अपेक्षित उपयोग शुरू नहीं कराया गया है। इटावा में लायन सफारी की भी उपेक्षा की जा रही है ।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि इटावा को वही सम्मान मिल रहा है जो लखनऊ को मिलता है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। इटावा के लोगों को गुमराह किया जा रहा है और जिले के साथ भेदभाव साफ दिखाई देता है। समाजवादी पार्टी सरकार के समय शुरू कराई गई कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं आज भी पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। मुख्यमंत्री को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपने उद्घाटनों और अधूरी पड़ी परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए।

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