मुंबई , जुलाई 16 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को मांग की कि शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पूरे महाराष्ट्र में पूजनीय पंढरपुर के पीठासीन देवता भगवान विट्ठल का कथित अपमान करने के लिए वारकरी समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये श्री राउत पर करोड़ों भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने "जय श्री राम", राम मंदिर आंदोलन और विपक्षी इंडिया गठबंधन के भविष्य पर शिवसेना (यूबीटी) के नेतृत्व के रुख पर भी निशाना साधा।

श्री बन ने कहा कि करोड़ों भक्तों द्वारा पूजे जाने वाले भगवान विट्ठल के बारे में टिप्पणी करते हुये श्री राउत को "शर्म आनी चाहिए थी"। उन्होंने श्री राउत पर विट्ठल मंदिर की पवित्रता का अनादर करने का आरोप लगाया। श्री बन ने दावा किया कि अतीत में औरंगजेब और अफजल खान ने इस पवित्र स्थल को निशाना बनाया था। उन्होंने श्री राउत की टिप्पणी को भी उसी तरह अपमानजनक बताया।

श्री बन ने कहा, "आपने औरंगजेब को अपनी पार्टी में शामिल किया और अफजल खान की कब्र का महिमामंडन किया। क्या आप विट्ठल मंदिर की पवित्रता को समझते हैं? विट्ठल का अपमान करके आपने पूरे वारकरी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचायी है। आपको उनसे माफी मांगनी चाहिए। महाराष्ट्र इस तरह के अपमान को कभी माफ नहीं करेगा।"संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रामभाऊ कुलकर्णी भी उपस्थित थे। श्री बन ने कहा कि श्री ठाकरे और श्री राउत को "जय श्री राम" के नारे को कथित तौर पर आपत्तिजनक बताने और कांग्रेस के साथ राजनीतिक गठबंधन करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

श्री बन ने आरोप लगाया कि राम रक्षा आंदोलन का उद्देश्य "भगवान राम के बजाय एक राजनीतिक दल की रक्षा करना" था। उन्होंने दावा किया कि बाबरी ढांचे के विध्वंस के दौरान श्री फडणवीस अयोध्या में मौजूद थे और राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने 18 दिन जेल में बिताये थे।

श्री बन ने शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व पर पाखंड का आरोप लगाते हुये सवाल किया, "उस समय श्री ठाकरे और श्री राउत कहां थे?"श्री बन ने विपक्षी इंडिया गठबंधन की प्रासंगिकता पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन व्यावहारिक रूप से बिखर चुका है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि अंत में केवल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ही बचेंगे। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) का अंत में कांग्रेस में विलय हो जायेगा और श्री राउत कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता बन जायेंगे।

प्रस्तावित महिला आरक्षण और निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन विधेयकों पर श्री बन ने कहा कि अधिकांश राजनीतिक दलों ने इन्हें अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि राकांपा (शरदचंद्र पवार) नेता सुप्रिया सुले ने संकेत दिया था कि यदि सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है, तो उनकी पार्टी इस कानून का विरोध नहीं करेगी।

श्री बन ने कहा, "सुश्री सुले और अन्य दल महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं। श्री राउत और उनके दो सांसद इसका विरोध करते हैं या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह विधेयक निश्चित रूप से पारित हो जायेगा।

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