रुड़की , मई 27 -- उत्तराखंड के रुड़की में भगवान वाल्मीकि घाट पर सिंचाई विभाग द्वारा ध्वस्तीकरण संबंधी नोटिस चस्पा किए जाने के विरोध में बुधवार को वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने इस कार्रवाई को समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भगवान वाल्मीकि घाट केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण नोटिस लगाए जाने के बाद क्षेत्र में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है तथा लोगों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

प्रतिनिधियों ने मंत्री के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि इस पवित्र स्थल पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई को वाल्मीकि समाज स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मामले का संवेदनशील और न्यायसंगत समाधान निकाला जाए।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री बत्रा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वाल्मीकि समाज की आस्था और धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित पक्षों से वार्ता कर मामले का न्यायपूर्ण समाधान निकालने के लिए सकारात्मक पहल की जाएगी।

मंत्री के आश्वासन के बाद समाज के लोगों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी आस्था और सम्मान की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएगी।

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